ब्रह्मांड को समझे बिना आत्मा का पता नहीं लगा सकते

New Delhi: वाणी के चार स्तर होते हैं – परा, पश्यन्ति, मध्यमा, और वैखरी। मनुष्य केवल चौथे स्तर में बोलते हैं। जो भाषा में हम बात करते हैं वह वैखरी …

Read More