Pravachan

दुख को मिटाना हो, तो सुख की कल्पना छोड़नी पड़ेगी

New Delhi: यदि दुख को मिटाना हो, तो सुख की कल्पना छोड़ देनी पड़ेगी और दु:ख को ही जानना पड़ेगा। जो दुख को जानता है, उसका दु:ख मिट जाता है। …

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