सावन 2018: शिवरात्रि पर कांवड़ जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त, कांवड़ से जलाभिषेक करने पर मिलेगा लाभ

New Delhi: मासिक शिवरात्रि शिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस महीने शिवरात्रि (कांवड़ जल यात्रा मुहूर्त) 9 अगस्त 2018 को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार हर माह की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के तौर पर मनाया जाता है।

इस बार यह मासिक शिवरात्रि 9 अगस्त, सावन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को पड़ रही है। मासिक शिवरात्रि को शिव और शक्ति को प्रसन्न करने हेतु अच्छा माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग रूप में प्रकट होते हैं।

यह दिन शिव की पूजा अर्चना हेतु बेदह खास होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन लक्ष्मी, सरस्वती और सीता-सावित्री आदि ने भी शिव को प्रसन्न करने हेतु व्रत किया था। मान्यता के अनुसार पहली बार शिवलिंग की पूजा भगवान विष्णु और ब्रह्मा के द्वरा की गयी थी।

पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
शिव की पूजा शुभ मुहूर्त में करने से जीवन की हर संकट का समाधान हो जाता है। साथ ही मान्यता यह भी है कि इस दिन व्रत रखने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव की पूजा प्रदोष में की जाती है। इस बार मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 08 अगस्त को रात्रि के 12 बजकर 09 मिनट से लेकर अगले दिन दोपहर 1 बजकर 02 मिनट तक है।

प्रदोष काल सूर्यास्त से लेकर मध्य रात्रि के बीच का समय होता है। शिवरात्रि के व्रत में अन्न ग्रहण नहीं किया जाता है। विशेष परिस्थिति में फलाहार किया जा सकता है। शिवरात्रि की पूजा का फल तभी मिलता है जब शिव का विधिपूर्वक रुद्राभिषेक किया जाता है।

रुद्राभिषेक
शिव का रुद्राभिषेक प्रदोष काल में करने से ही मनोवांछित फल मिलता है। इस दिन भगवान शिव के ध्यान के लिए विशेष रुप से भगवान शिव के सामने बैठकर ध्यान करना चाहिए।

शिव पूजा के लिए शिव पुराण, शिव पंचाक्षर, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा, शिव रुद्राष्टक और शिव श्लोक का पाठ करना चाहिए। इसके साथ ही विशेष पूजा विधि अपनाकर भगवान शिव का पूजन किया जाता है।

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