शीतला सप्तमी 2019: आज के दिन इन 4 बातों का रखें खास ध्यान

New Delhi: 27 मार्च यानि आज बुधवार को शीतला सप्तमी (Sheetla Saptami) मनाई जा रही है। शीतला माता की पूजा होगी ताकि बदलते मौसम में बीमार ना पड़ें। सूर्य के करीब आने से पृथ्वी पर गर्मी बढ़नी शुरू होती है। बुधवार से गर्मी बढ़ेगी और इंसान के शरीर का तापमान भी बढ़ेगा इसलिए शरीर को शीतल रखने के लिए और तरह तरह की बीमारियों से रक्षा के लिए शीतला सप्तमी मनाई जाती है।

शीतला सप्तमी (Sheetla Saptami) को ही शरीर को शीतलता प्रदान करने वाले भोजन दाल भात पूड़ी, दही की लस्सी, हरी सब्ज़ियां बनाई जाती है जो अगले दिन ठंडी और बासी खायी जाती है और दूसरे दिन शीतला सप्तमी मनाई जाती है। आइए जानते हैं इस दिन कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए…

शीतला मंदिर जाकर शीतला माता की पूजा करेंगे इसलिए उस दिन चूल्हा नहीं जलाने का रिवाज़ है और शीतला सप्तमी को वही बासी भोजन भोग लगाकर खाते हैं। शीतला माता अचानक सूर्य के ताप से बढ़ने वाली बीमारी को रोकती है और इसलिए माता को भोग लगाकर वहीं शीतल खाना खाना चाहिए।

ऐसी मान्यता है कि शीतला सप्तमी के दिन घर में अग्नि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसीलिए जो कुछ भी पकाना हो, एक दिन पहले ही पका लेना चाहिए। इस दिन लोग बासी खाना ही खाते हैं।

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इस दिन सुबह उठकर स्नान करना चाहिए। मां शीतला माता मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए। उन्हें हल्दी, बाजरा औऱ दही का भोग लगाना चाहिए।

यह पर्व गर्मी की शुरुआत पर पड़ता है यानी गरमी में आप क्या प्रयोग करें, इस बात की जानकारी आपको मिल सकती है। गर्मी के मौसम में आपको साफ-सफाई, शीतल जल और एंटीबायोटिक गुणों से युक्त नीम का विशेष प्रयोग करना चाहिए।

रोगों के संक्रमण से आम व्यक्ति को बचाने के लिए शीतला सप्तमी मनाई जाती है। इस दिन आखिरी बार आप बासी भोजन खा सकते हैं, इसके बाद से बासी भोजन का प्रयोग बिलकुल बंद कर देना चाहिए। अगर इस दिन के बाद भी बासी भोजन किया जाय तो स्वास्थ्य की समस्याएँ आ सकती हैं।

इस दिन घर पर पूजा करने के अतिरिक्त आपको शीतला मां के मंदिर जाना चाहिए। अगर आप किसी बछड़े को दूध, दही आदि खिलाएं। शुभ फल होगा।

इस दिन शीतला मां की पूजा करने के साथ-साथ भगवान शिव की भी पूजा करनी चाहिए।