भगवान शिव और देवी पार्वती का अनोखा मंदिर, जहां संगीत की धुन पर तोड़े जाते हैं 12000 नारियल

vettaikaran temple
New Delhi: केरल अपने मंदिरों और वहां की अनूठी परंपराओं के लिए भी ख्यात है। यहां के कन्नूर में भगवान वेट्टकरन का मंदिर (Vettakkorumakan Temple) है। यहां नारियल फोड़ने की परंपरा है।

एक बार में 12 हजार नारियल फोड़े जाते हैं। यह प्रदर्शन नम्बूदिरी परिवारों द्वारा किया जाता है। नम्बूदिरी यहां के शाही परिवार हैं। खास बात यह है कि इस दौरान स्थानीय वाद्य यंत्र चण्डे से लय और ताल के अनुसार ये नारियल तोड़े जाते हैं |

तोड़ने की गति चण्डे की लय और ताल के अनुसार बदलती है। नारियल तोड़ते समय दोनों हाथों का प्रयोग करते हुए यह ध्यान रखा जाता है कि ताल के अनुसार ही नारियल टूटे।

यह आयोजन जनवरी में होता है जिसे देखने के के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। 12000 नारियल तोड़ने में एक व्यक्ति को मात्र डेढ़ घंटे का समय लगता है।

vettaikaran temple

बताते हैं कि यहां भगवान शिव और पार्वती एक शिकारी के रूप में विराजमान है। इसका किस्सा महाभारत में मिलता है। जब अर्जुन अपने शस्त्रों की पूजा कर रहे थे, तब भगवान शिव और पार्वती ने उनकी परीक्षा लेने के लिए शिकारी का रूप धारण किया था।

मुख्य देवता

इस मंदिर में भगवन वट्टकोरुमकन/वेट्टेक्करन (शिवजी के शिकारी के रूप में) पूजे जाते है। मान्यता है कि वे भगवान किरात (शिव के शिकारीअवतार) और देवी कीरति (पार्वती) के पुत्र है। भगवान वट्टकोरुमकन, भगवान अयप्पा का ही एक रूप है।

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