देश-धर्म के लिए आ’हुति देने वाला इंसान भगवान विष्णु को प्रिय

New Delhi: अखिल भारतीय मीणा समाज के 18वें वार्षिक महोत्सव के दौरान चल रही श्रीमद्‌भागवत कथा (Bhagvat katha) के दूसरे दिन महामंडलेश्वर स्वामी जगदीशपुरीजी महाराज ने कहा कि धर्म, अर्थ और ज्ञान ये तीन मार्ग मोक्ष पाने के द्वार हैं।

धर्म करते रहना चाहिए, अर्थ को पुण्य कार्य में लगाते रहना चाहिए, जिससे धन की शुद्धि होती रहे। वहीं ज्ञान पाकर आदमी को परोपकार करना चाहिए। भगवान की कथाएं व ग्रंथ को ही भागवत कहा गया है, इन्हें पढ़ते रहना चाहिए और उनका ज्ञान प्राप्त करते रहना चाहिए, जिससे भगवान विष्णु की प्राप्ति हो सके।

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हर जीव की रक्षा भगवान करता है। मनुष्य तो निमित्त मात्र है। धर्म को पहले अपने जीवन में धारण करना चाहिए, उसके बाद ही दूसरों को धर्म का ज्ञान देना चाहिए। आजकल मनुष्य धर्म को धारण नहीं करता, लेकिन दूसरों को ज्ञान देना शुरू कर देता है। यही कारण है कि सामने वाला व्यक्ति उस बात से प्रभावित नहीं हो पाता।

भगवान का नाम जपते हुए मन भाव से मन लगाने वाले व्यक्ति का अंत भी भगवान संभालते हैं। वह व्यक्ति स्वर्ग में जाता है। देश और धर्म के लिए आ’हुति देने वाला इंसान भगवान विष्णु को बहुत प्रिय होते हैं।