सामुद्रिक शास्त्र: आंख से लेकर पैर के फड़कने का क्या होता है मतलब, जानें शुभ-अशुभ असर

Quaint Media
New Delhi: जिस तरह से हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र (Mythology) में हाथ की लकीरों का अध्ययन कर व्यक्ति के भविष्य जाना जाता है। ठीक उसी प्रकार अंगों के फड़कने का भी अलग-अलग मतलब होता है। कुछ अंग के फड़कने को शुभ माना जाता है तो कुछ के फड़कने को अशुभ। आइए जानते हैं अलग-अलग अंगों के फड़कने का क्या होता है मतलब…

सामुद्रिक शास्त्र (Mythology) के अनुसार आंखों के फड़कने को शुभ माना जाता है। अगर आदमी की दाई आंख फड़के तो आने वाले दिनों में शुभ समाचार मिलने के संकेत होते हैं जबकि महिला की बाई आंख के फड़कने से आर्थिक लाभ मिलता है।

1: अगर किसी का माथा फड़के तो व्यक्ति को जमीन से जुड़े लाभ होते हैं और मान-सम्मान में बढ़ोतरी होती है।

2: बायां बाजू फड़कने पर धन लाभ होता है और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।

3: अगर व्यक्ति का कंधा फड़के तो व्यक्ति को भोग-विलास से जुड़ी कई चीजें को सुख मिलता है।

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4: होंठ फड़कने का मतलब है कि आपको कुछ प्रिय वस्तु मिलने वाली है।

5: जंघा फड़कने पर शत्रुओं से कष्ट मिलने का भय रहता है।

6: अगर पैर का तालु फड़के तो व्यक्ति को आर्थिक लाभ मिलता है।

7: गले के फड़कने का मतलब आने वाले दिनों में ऐश्वर्य यानी धन संपत्ति मिलने वाली है।